एक गुमनाम खत ने खोला भूत बन अपने कब्र का पता बताने वाली लड़की की मौत का सच!

दो साल से लापता किशोरी को घर में दफना दिया गया है, इसका राज गुमनाम पत्र ने खोला। पत्र किसने लिखा यह पता नहीं चल पाया है। हालांकि पुलिस का मानना है कि पत्र लिखने वाला किशोरी का कोई करीबी ही है और पूरे घटनाक्रम से वाकिफ रहा है। किशोरी का शव घर में ही दफन होने की जानकारी पुख्ता होने पर पुलिस ने शुक्रवार शाम रामबाबू के घर के आंगन की खुदाई शुरू करवा दी। रात करीब साढ़े ग्यारह बजे पिंकी के शव को निकाल लिया गया। चिकित्सकों ने पुराना होने की वजह से शव को पोस्टमॉर्टम के लिए पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया।

एसीपी क्राइम राजेश चेची ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में साफ हो जाएगा कि किशोरी की मौत कैसे हुई थी। आत्महत्या साबित होती है तो परिजनों के खिलाफ सबूत मिटाने का ही केस चलेगा और हत्या सिद्ध हुई तो संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया जाएगा। रामबाबू के मुताबिक 4 जुलाई 2015 को जब पिंकी ने फांसी लगाई थी तो उस समय घर उनकी पत्नी, बेटा संतोष और बहू ही थे।

आंगन में खुदाई किए जाने का पता पड़ोस में रहने वाले एक परिवार को हुआ था लेकिन यह खुदाई क्यों की जा रही थी उन लोगों को भी इसकी जानकारी नहीं थी। पत्र के बारे में पूछने पर रामबाबू ने आशंका जताई कि पड़ोस में रहने वालों से उसका जमीनी विवाद हुआ था। हो सकता है पत्र उन्हीं लोगों ने भेजा हो।

पिंकी के चचेरी बहन के स्वप्न में आने की चर्चा : भूत-प्रेत की बातों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है, लेकिन शहर में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि पिंकी अपनी चेचेरी बहन के स्वप्न में आती थी। दरअसल रामबाबू के घर की दीवार उसके चचेरे भाई के घर से मिली हुई है। पड़ोसियों के मुताबिक चचेरे भाई की बेटी ने उन्हें बताया कि पिंकी पिछले तीन चार दिन से उसके स्वप्न में आ रही है और कहती है कि वह अपने घर के आंगन में दफन है। वह अपनी मुक्ति के लिए चचेरी बहन से कहती थी। युवती ने परिवार वालों को यह बात बताई और परिवार वालों से पूरे मोहल्ले में चर्चा का विषय बन गई।

अंतरजातीय युवक से विवाह करना चाहती थी : पुलिस सूत्रों के मुताबिक पिंकी ऑनर किलिंग की शिकार भी हो सकती है। बताया जा रहा कि पिंकी एक अंतराजातीय युवक से विवाह करना चाहती थी, परिवार वाले इसके लिए राजी नहीं थे। यही वजह थी कि महज 16 वर्ष की उम्र में ही परिवार वालों ने उसका विवाह सजातीय युवक से तय कर दिया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक पिंकी इस विवाह के लिए कतई तैयार नहीं थी, इस बात पर घर में रोज कलह होती थी।

नमक की वजह से शव रहा सुरक्षित : पिंकी का शव पुलिस को सुरक्षित हालत में मिला। कंकाल पर चमड़ी चिपकी हुई थी। इसकी वजह शव को नमक के साथ दफनाया जाना रहा। सिविल अस्पातल के आरएमओ डॉ. नवीन गर्ग ने बताया कि नमक एक तरह का प्रिजर्वेटिव है। शव को नमक से ढकने की वजह से कीड़े मकोड़े उस तक नहीं पहुंच सकेे जबकि मांसल अंगों का क्षय हो गया। नमक की वजह से चमड़ी खराब नहीं हुई और कंकाल के साथ चिपक गई।

शादी तय किए जाने से नाराज होकर लगाई थी फांसी : दो साल पहले अचानक गायब हुई संतोष नगर निवासी नाबालिग लड़की का शव उसके ही घर के आंगन में दफन मिला। पुलिस ने शुक्रवार रात सनसनीखेज खुलासा करते हुए आंगन को खुदवा कर शव को निकाल लिया। परिजनों का कहना है कि इच्छा के मुताबिक शादी तय नहंीं होने से नाराज होकर लड़की ने फांसी लगा ली थी और बदनामी व पुलिस के भय से उन्होंने किसी को बताए बिना ही शव को घर में ही दफना दिया। पुलिस इस घटना को ऑनर किलिंग से भी जोड़कर देख रही है। शव का पोस्टमार्टम करवा दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही खुलासा होगी कि लड़की ने आत्महत्या की थी या उसकी हत्या की गई। फिलहाल मृतका के परिजनों पर अपराध छिपाने के लिए सबूत मिटाने का केस दर्ज किया गया है।

सेक्टर 30 सीआईए इंचार्ज इंस्पेक्टर सतेंद्र के मुताबिक 4 अप्रैल 2017 को पुलिस को एक गुमनाम पत्र मिला। इसमें लिखा था कि संतोष नगर स्थित एक मकान में रहने वाली 16 वर्षीय किशोरी पिंकी करीब पौने दो साल से गायब है। पत्र में शक जताया गया था कि किशोरी की हत्या कर उसका शव खुर्दबुर्द कर दिया गया है। इस आधार पर पुलिस ने खोजबीन शुरू की। पत्र में जिस घर का पता दिया गया था वह रामबाबू नाम के व्यक्ति का निकला। पुलिस ने रामबाबू से पूछताछ की तो उसने बेटी पिंकी के जुलाई 2015 से लापता होने की बात स्वीकार की। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज नहीं करवाने के बारे में पूछा तो वह इसका जवाब नहीं दे सका।

शक के आधार पर पुलिस ने रामबाबू को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो सच्चाई सामने आ गई। उसने बताया कि पिंकी विंग्स ऑटो में नौकरी करती थी। अच्छा लड़का मिलने पर उसकी शादी तय कर दी। लड़के वाले चाहते थे कि बेटी नौकरी न करे इसलिए परिवार वालों ने पिंकी से नौकरी छोड़ने को कहा था। पिंकी नौकरी नहीं छोड़ना चाहती थी। इस बात पर 4 जुलाई 2015 को पिंकी की उसके बड़े भाई संतोष और भाभी से लड़ाई भी हुई थी। वह और उनकी पत्नी बहू-बेटे को समझा रहे थे इसी दौरान पिंकी ने नीचे के कमरे में जाकर फांसी लगाकर जान दे दी। जब वह पिंकी से बात करने पहुंचा तो उसका शव लटकता देख होश उड़ गए।

बदनामी के डर से घर में ही दफन किया शव : जवान बेटी के फांसी लगाने से होने वाली बदनामी और पुलिस के चक्कर में फंसने के डर से परिवार वालों ने पिंकी के शव को घर के आंगन में दफना दिया। शव को सड़ाने के लिए गड्ढे में नमक भी डाला गया और इस पूरी करतूत पर पर्दा डालने के लिए गड्ढे को पाटकर प्लास्टर कर दिया।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट होगी अहम सबूत: किशोरी ने आत्महत्या की थी या फिर उसकी हत्या हुई थी यह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से साबित होगा। पुलिस के मुताबिक फांसी लगाने से रीढ़ की हड्डी गर्दन के पास से डैमेज होती है जबकि गला घोंटने में ऐसा नहीं होता। शव जिस कंडीशन में मिला है उससे पोस्टमॉर्टम मे मौत के सही कारण आसानी से पता च

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